क्या है प्यार ??

 प्यार

 

ये प्यार है क्या, मैं समझ ही नहीं पाता हूँ

बस उलझ के रह जाता हूँ

 

कोई कहता है प्यार के लिए आँखों की भाषा काफी है

कोई गुलाब का फूल देके भी ठुकराया जाता है

 

कोई कहता है प्यार बहुत आसान है

कोई कहता है प्यार एक कला है

 

कोई कहता है प्यार बस हो जाता है

कोई बस हो जाने वाले प्यार को निभा नहीं पाता है

 

कोई कहता है प्यार तो एक स्वभाव है

कोई प्यार को ज़रुरत बताता है

 

कोई प्यार को दिलों में ढूंढ़ता है

कोई प्यार को जिस्मों में ढूंढ़ता है

 

कोई प्यार को जीवन समझता है

कोई प्यार को मज़ाक कहता है

 

कोई कहता है प्यार एक अपार शक्ति है

कोई प्यार को मजबूरी और कमज़ोरी बताता है

 

मुझे तो प्यार हर किसी से हो जाता है,

मगर किसी के पास जाने का मन भी नहीं होता है

फिर सोचता हूँ ये प्यार क्या होता है

 

शायद एक प्यार होता है और एक ख्वाइश

ख्वाईशें आती जाती रहती हैं, मगर प्यार हमेशा रहता है

और शायद ख्वाईशें ही मिलाती, अलग करती हैं

मगर प्यार मिलाता है अलग करता है

ये तो बस मन का एक अनंत खज़ाना है

कुछ लोगों पे लुटादो या पूरे जहान पे

 

और शायद इसीलिए प्यार सहज भी है

समझना मुश्किल भी है

 

आखिरी एक और सवाल,

ख्वाईशों पे अटके रहना है या समझना है, क्या है प्यार ??

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