दो पंक्तियाँ
दूर के ढोल नहीं सुनते हम पास जाकर देखते हैं,
शमा से नहीं डरते वो जो परवाने होते है ।
--------------------xxx-------------------------
बातों ही बातों में बातें हज़ार होती हैं,
लेकिन अगर बात बात ही रह जाये तो बात नहीं बनती है ।
--------------------xxx-------------------------
वो रास्ता युँ तो आसान ज़रा भी न था,
मगर मौसम मदमस्त ऐसा था की हर तकलीफ पे मुस्कुराना आ गया.
--------------------xxx-------------------------
मंजिल पाने की मौज सफर तय करने में आती है,
जीत तो एक बार मिलते है, याद तो फिर वो कश्मकश ही आती है ।
--------------------xxx-------------------------
नशा हर चीज़ में है, मुझमे भी, झूठी आतिशबाज़ीयों में नहीं,
वो नशा नशा नहीं जो बस एक रात का सुरूर दे, नशा तो वो है जो मरते दम तक उतरे नहीं ।
--------------------xxx-------------------------
लकीरों में क्या लिखा है जानना फ़िज़ूल था,
क्योंकि एक फूल की खुशबू का ताल्लुक उसकी किस्मत से नहीं होता ।
--------------------xxx-------------------------
न भुलाये जाओगे न याद करने की कोई खास वजह होगी,
सफर युँ ही चलने दो सनम, मुलाकात फिर कहीं होगी ।
--------------------xxx-------------------------
बड़ी खूबसूरत सी बन जाए ये ज़िन्दगी मेरी जो हर पन्ने को फिर से कोरा कर पाऊँ, मगर नहीं,
बड़ी खूबसूरत सी बन जाए ये ज़िन्दगी मेरी जो कल को भुला पाऊँ, मगर नहीं,
बड़ी खूबसूरत सी बन जाए ये ज़िन्दगी मेरी जो खूबसूरत पाने की चाहत छोड़ खूबसूरत बना पाऊँ, बस यही,
बस यही की, बड़ी खूबसूरत सी बन जाए ये ज़िन्दगी मेरी जो बस हर पल मुस्कुरा पाऊँ।
--------------------xxx-------------------------
Second one is nice👍
ReplyDelete👍
Delete